धर्मेंद्र प्रेयर मीट: बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र का 24 नवंबर 2025 को निधन हो गया। उन्हें अक्टूबर 2025 में सांस की दिक्कत के कारण मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिनों बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई और देओल परिवार ने घर पर ही उनका इलाज जारी रखने का फैसला किया। इसी बीच, धर्मेंद्र 24 नवंबर 2025 को दुनिया को अलविदा कह गए। धर्मेंद्र के पार्थिव शरीर का विले पार्ले के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद सनी-बॉबी ने 27 नवंबर को अपनी मां प्रकाश कौर की मौजूदगी में मुंबई के ताज लैंड्स एंड होटल में धर्मेंद्र के लिए प्रार्थना सभा रखी। उसी दिन Hema Malini ने मुंबई में अपने घर पर भजन रखा था। सनी देओल की रखी प्रार्थना सभा में Hema Malini और उनकी बेटियां नहीं दिखीं। उसके बाद 11 दिसंबर को हेमा मालिनी ने नई दिल्ली में एक और प्रार्थना सभा रखी, जिसमें सनी-बॉबी नहीं दिखे।

अलग-अलग प्रार्थना सभाएं रखने पर Hema Malini ने क्या कहा?
इसके बाद धर्मेंद्र के दोनों परिवारों के बीच अनबन की बातें होने लगीं। लेकिन हाल ही में हेमा मालिनी ने न्यूज़ एजेंसी ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ को दिए इंटरव्यू में इस पर अपने विचार रखे। Hema Malini ने कहा, “यह हमारे घर का मामला है। हमने एक-दूसरे से बात की है। मैंने अपने घर पर प्रार्थना सभा रखी क्योंकि मेरे दोस्त और परिवार वाले अलग-अलग हैं। फिर मैंने दिल्ली में एक और सभा रखी क्योंकि मैं पॉलिटिक्स में हूं और उस इलाके के अपने दोस्तों के लिए अलग प्रार्थना सभा रखना ज़रूरी था। मथुरा मेरा चुनाव क्षेत्र है और वहां के लोग सचमुच धर्मेंद्र के दीवाने थे। इसीलिए मैंने वहां भी प्रार्थना सभा रखी। मैंने जो किया उससे मैं खुश हूं।”

Hema Malini ने कहा कि मैं, ईशा, अहाना, सनी, बॉबी सब साथ थे
उसी इंटरव्यू में Hema Malini ने कहा कि अगर धरमजी ठीक होते तो उनका 90वां जन्मदिन उनके परिवार के साथ मनाया जाता। उन्होंने आगे कहा, “यह बहुत बड़ा शॉक था। वह समय बहुत बुरा था क्योंकि जब वह बीमार थे तो हम लगभग एक महीने तक परेशान थे। हॉस्पिटल में जो कुछ भी हो रहा था, हम उससे निपटने की कोशिश कर रहे थे। मैं, ईशा, अहाना, सनी, बॉबी, हम सब साथ थे। ऐसा पहले भी कई बार हुआ है कि वह हॉस्पिटल में भर्ती हुए और ठीक होकर घर लौटे। हमें लगा था कि इस बार भी ऐसा ही होगा।”

Hema Malini काम पर लौटेंगी
Hema Malini ने कहा, “वह (धर्मेंद्र) हमसे ठीक से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने 16 अक्टूबर को मेरे जन्मदिन पर मुझे विश भी किया था। उनका जन्मदिन 8 दिसंबर को आना था, जब वह 90 साल के हो जाते और हम इस जन्मदिन को खुशी-खुशी मनाने की तैयारी कर रहे थे। तैयारियां चल रही थीं और अचानक वह हमें छोड़कर चले गए। उन्हें जाते देखना बहुत मुश्किल था। ऐसा पल ज़िंदगी में किसी के साथ नहीं आना चाहिए। अब मैं अपना काम फिर से शुरू कर रही हूं। मैं मथुरा जा रही हूं। मैं अपने प्रोग्राम फिर से शुरू करने जा रही हूं और जो काम मेरे पास है, उसे जारी रखने जा रही हूं, क्योंकि इसी से धर्मजी खुश होंगे।”

