जयपुर डेस्क। मिडिल ईस्ट में लंबे समय से चल रहे जंग को आखिरकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता ने एक बार के लिए ठंडा जरूर कर दिया है।हालांकि अब एक बार फिर से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाने के आसार दिखाई देने लगे हैं। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण यह है कि दोनों देशों के बीच इस बात को लेकर रजामंदी बनी थी कि Israel के लोगों के शव और बंधकों को हमास वापस कर शांति की मिसाल देगा। हालांकि इसके विपरीत दोनों देशों के बीच इसी विषय को लेकर तनाव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है क्योंकि इजराइल का मानना है कि जो शव वापस किए गए हैं उनका इजरायल से कोई लेना देना नहीं है।
फिर भड़क सकता है युद्ध
शवों की वापसी को लेकर दोनों देश के बीच आए युद्ध विराम एक बार फिर से जंग में तब्दील हो सकता है। Israel की आर्मी ने साफ तौर पर कह दिया है कि हमास आपके द्वारा गलत किया जा रहा है उधर से जो शव वापस दिए जा रहे हैं वह दरअसल वही के लोगों की हैं। इजरायल की आर्मी ने साफ तौर पर कहा है कि हमास अगर अपने वादे से पीछे हटता है तो उसे उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
ट्रंप ने की थी मध्यस्थता
बता दें कि 2 साल से चलते आ रहे हैं इस युद्ध को खत्म करने में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। यही कारण है कि ट्रंप को Israel के संसद में शांति पुरस्कार देकर भी सम्मानित किया गया था। अमेरिका के राष्ट्रपति ने सम्मान को दोनों हाथों से कबूल किया था लेकिन अब एक बार फिर से उत्पन्न हुई जंग के हालात अमेरिका के लिए भी परेशानी बढ़ा सकते हैं।
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