जयपुर डेस्क। राजस्थान सरकार में कृषि मंत्री Kirodi Meena एक बार फिर से एक्शन में नजर आए। कृषि मंत्री ने सांचौर जिले में खाद और बीज बनाने वाले तीन फैक्ट्री का अचानक से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई तरह की अनीयमितताओं को देखते हुए कृषि मंत्री काफी नाराज दिखाई दिए क्योंकि फैक्ट्री में से प्रतिबंधित खाद बरामद हुए और उसके साथ ही यह भी पाया गया कि जो यूरिया बेचा जा रहा था वह वास्तव में सब्सिडी वाला था जो किसानों को मिलना चाहिए था। इसके बाद कृषि मंत्री किरोड़ी लाल गुस्से में लाल-पीले हो गए और उन्होंने तुरंत अधिकारियों को फोन मिला दिये।
फैक्ट्री मालिकों को तुरंत बुलाने के निर्देश
खाद फैक्ट्री में प्रतिबंधित खाद मिलने पर कृषि मंत्री Kirodi Meena ने तुरंत वहां काम करने वाले कर्मचारियों से इस संबंध में जानकारी ली। इसके बाद उचित जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने तुरंत मौके पर फैक्ट्री मालिक को बुलाने के निर्देश दे दिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि फैक्ट्री के मालिक मौके पर नहीं पहुंचते हैं तो फिर निश्चित तौर पर वह फैक्ट्री में ताला लगाने के लिए मजबूर हो जाएंगे। हालांकि थोड़ी ही देर में एक फैक्ट्री का संचालक भी आ गया जिसने माफी मांगी और उसे चेतावनी देकर मंत्री जी ने कहा कि दोबारा ऐसा हुआ तो फैक्ट्री पर ताला लटका नजर आएगा। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी से सैंपल कलेक्ट कर आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
30 हजार बैगों में मिले यूरिया
कृषि मंत्री Kirodi Meena द्वारा किए गई निरीक्षण के दौरान 30 हजार बैग में वह यूरिया मिला है जो किसानों को सरकार की ओर से सब्सिडी में दिया जाता है। इस संबंध में यह भी जानकारी मिली है कि यह किसी इंडस्ट्री को भेजा जा रहा था जो कि किसानों को बांटने के लिए दिया गया है। कृषि मंत्री इससे भी आग-बबूला हो गये और उन्होंने कहा कि जब सरकार की ओर से पर्याप्त मात्रा में यूरिया भेजी जा रही है तो फिर ब्लैक मार्केटिंग के कारण किसानों को जो परेशानी हो रही है, उसके लिए जिम्मेदार सभी अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर किसान गरीबी में मारा जा रहा है और दूसरी और अधिकारी अपनी ब्लैक मार्केटिंग की आदत से बाज नहीं आ रहे हैं।
