जयपुर डेस्क। Diwali का त्योहार पास है और ऐसे में लोगों को सबसे ज्यादा किसी चीज की जरूरत होती है तो वो है नकदी। हालांकि की नई चेक क्लियरिंग पॉलिसी ने बैंक कर्मियों के साथ ही आम लोगों की परेशानी भी बढ़ा दी है। हालात ये हैं कि लोग बैंकों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हो गए हैं। बैंकिग सूत्रों की मानें तो सिर्फ राजस्थान की राजधानी जयपुर में लोगों के 400 करोड़ से ज्यादा के चेक क्लियर होने के लिए बैंकों में फंसे हुए हैं। हालांकि लगभग पूरे प्रदेश में ऐसे ही हालात हैं।
एक दिन में चेक क्लियर होने का था दावा
बैंकों में 4 अक्टूबर से एक दिन में चेक क्लीयर होने के दावे किए जा रहे थे। हालांकि ऐसे कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा है। हालात इसके ठीक विपरित्त हैं और लोगों को चेक के क्लीयरिंग के लिए अब एक बार फिर से 3 से 4 दिनों का इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है। बैंककर्मी अब अपने ग्राहकों को नीफ्ट या फिर RTGS करने की सलाह दे रहे हैं। इसका साफ अर्थ है कि बैंक वालों पर भी एख दिन में चेक क्लियरिंग को लेकर अचानक से ज्यादा दबाव बढ़ गया है।
क्या कहना है बैंक कर्मियों का
इस संबंध में बैंक कर्मियों का कहना है कि इस तरह की किसी भी सुविधा के लिए पहले बैंक कर्मियों को ट्रेनिंग देनी चाहिए। कर्मियों का कहना है कि हमारे लिए ये अचानक से आए फरमान की तरह है जिसमें परेशान बैंक कर्मियों के साथ आम लोगों को होना पड़ रहा है।
