जयपुर डेस्क। अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध के समय में खूब सुर्खियां बटोरने की कोशिश की थी लेकिन भारत ने उनके सारे मनसूबे पर पानी फेंक दिया था। हालांकि इसके बाद भी लगातार अमेरिकी राष्ट्रपति Trump भारत और पाक के बीच हुए संग्राम के रूकने का क्रेडिट लेने की कोशिश करते रहे। भारत ने Trump की मध्यस्थता की बात को सिरे से इनकार कर दिया जबकि पाकिस्तान लगातार अमेरिका और Trump को इसका क्रेडिट देते नजर आए।
फिर लगाई अमेरिका से गुहार
मौजूदा समय में एक बार फिर से पाकिस्तान और अफगान के बीच संघर्ष चल रहा है तो पाक को अमेरिकी राष्ट्रपति Trump की याद सताने लगी है। पाक के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि निश्चित तौर पर यदि Trump दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए आते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि बीते कुछ सालों में अमेरिका ने दुनिया में जंग को बढ़ावा ही दिया है लेकिन Trump अकेले ऐसे राष्ट्रपति हैं जिन्होंने युद्ध रुकवाने के लिए प्रयास किए हैं।
अमेरिका की ये है मंशा
बता दें कि अमेरिका ने कुछ दिनों पहले अगानिस्तान के काबुल में एक एयरबेस पर कब्जा करने के इच्छा जताई थी जिसे तालिबान ने साफ मना कर दिया था। हालांकि इसके बाद भी अमेरिकी नेता लगातार इस ओर अपनी इच्छा जताते रहे। बता दें कि ये इलाका चीन से काफी पास है जहां वो परमाणु हथियार तैयार करता है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि अमेरिका भी पाक और अफगान के इस युद्ध के पीछे का मास्टरमाइंड हो सकता है।
