Bhajan Lal Sharma: प्रवासी राजस्थानियों और JITO उद्यमियों के साथ संवाद

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों की व्यावसायिक दक्षता ने उन्हें विश्वसनीय और सम्मानित समुदाय का दर्जा दिलाया है। साथ ही, उन्हें परोपकार, मेहनत और समाज सेवा करने की परंपरा ने राजस्थान की जड़ों से जोड़े रखा है। उन्होंने कहा कि हम प्रवासी राजस्थानियों को मातृभूमि से जोड़ने तथा निवेश में और अधिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रवासी राजस्थानी नीति-2025 भी ला रहे हैं।

शर्मा ने शुक्रवार को हैदराबाद में प्रमुख समाजसेवी व प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं उनके साथ संपर्क रखने के लिए हर जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यदि कोई प्रवासी राजस्थानी अपनी मातृभूमि की ओर एक कदम बढ़ाएगा, तो सरकार उसके साथ दो कदम आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 10 दिसम्बर को जयपुर में आयोजित होने वाले पहले प्रवासी राजस्थानी दिवस में कला, संस्कृति, विज्ञान, व्यवसाय और सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रवासी राजस्थानियों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और महिला सशक्तीकरण जैसे क्षेत्रों में प्रवासी समुदाय की सहभागिता पर जोर देते हुए राज्य के उज्जवल और समृद्ध भविष्य के लिए सहयोग का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का जीटो उद्यमियों से संवाद-

इसके बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हैदराबाद में ही जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीटो) के उद्यमियों से भी संवाद किया तथा जीटो कनेक्ट 2025 पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान के जैन समुदाय की न केवल व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में, बल्कि सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश के जैन उद्यमियों ने अपने व्यावसायिक कौशल, नैतिक मूल्यों और दूरदर्शिता के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया है।

शर्मा ने कहा कि भंवरलाल जैन ने ‘जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड’ की स्थापना कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के क्षेत्र में विश्वस्तरीय योगदान दिया, जिससे कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन संभव हुए। सामाजिक क्षेत्र में मगराज जैन द्वारा स्थापित ‘सोसाइटी टू अपलिफ्ट रूरल इकोनॉमी’ ने थार मरुस्थल के दूरदराज क्षेत्रों में महिलाओं के लिए रोजगार और सामाजिक सशक्तीकरण के अवसर उपलब्ध कराए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा एवं कौशल विकास में जीटो इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन फ़ाउंडेशन और आईआईटी व जेईई प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने राजस्थान के युवाओं को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद की है। इन सभी प्रयासों से स्पष्ट है कि राजस्थान का जैन समुदाय न केवल आर्थिक और उद्यमशीलता के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर रहा है, बल्कि समाज और समुदाय की भलाई के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उनकी यह प्रतिबद्धता राज्य की समृद्धि और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

शर्मा ने देश और राजस्थान के सामाजिक व आर्थिक विकास में जैन समुदाय योगदान की सराहना की तथा प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राजस्थान की विकास यात्रा में सभी सहभागी बनें।

इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई सहित वरिष्ठ अधिकारीगण एवं प्रवासी राजस्थानी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *