जयपुर डेस्क। नेपाल में युवाओं के प्रदर्शन के बाद जो कुछ भी हुआ था वह किसी से छुपा हुआ नहीं है। सही सी बात है कि इन हालातों में दुनिया का कोई भी देश अपने युवाओं को नाराज नहीं करना चाहेगा। हालांकि भारत के पड़ोसी देश Pakistan में युवाओं का गुस्सा Pakistan की सरकार के खिलाफ उफान पर है। इसकी शुरुआत एक शांतिपूर्वक सामान्य से विरोध के साथ हुई थी जिसमें बढ़ती फीस और मूल्यांकन प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाई गई थी। हालांकि अब विरोध प्रदर्शन काफी आगे बढ़ गया है और स्थिति यह हो गई है की उम्मीद की जा रही है कि यह प्रदर्शन अगर नहीं रुका तो फिर शहबाज शरीफ सरकार के लिए परेशानियां बढ़ सकती है। माना तो यहाँ तक जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में अगर Pakistan की सरकार प्रदर्शन कार्यों को शांत करने में सफल नहीं होती है तो यहां नेपाल जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
गोलियों के चलने के बाद बढ़ गया विरोध
जानकारी के अनुसार छात्रों द्वारा किए जा रहे हैं विरोध प्रदर्शन की शुरुआत इसी महीने में हुई थी और सब कुछ शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था। स्थिति तब जाकर सरकार और प्रशासन के हाथ से निकल गई जब एक अज्ञात बंदूकधारी ने छात्रों के ग्रुप पर गोली चला दी और एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन बढ़ गया और शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों का विरोध विद्रोह में बदल गया। इसके बाद लगातार Pakistan की सरकार के खिलाफ छात्रों का हिस्सा खुद पड़ा जगह टायर चलाई जाने लगे, आगजनी के साथ तोड़फोड़ भी होने लगे। इंटरनेट पर लोगों का कहना है कि बांग्लादेश में हुए GEN- Z आंदोलन की झलक यहां भी देखने को मिल रही है।
ऐसे हुई थी शुरुआत, ये है मांगें
प्रदर्शन की शुरुआत मुजफ्फरनगर केक यूनिवर्सिटी में बढ़ते फीस और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर हुई थी। धीरे-धीरे दूसरे यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी भी प्रदर्शन में जुटे गए और फिर नहीं की मार्किंग और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को भी लेकर प्रदर्शन शुरू होने लगा। छात्रों का कहना था कि Pakistan में पढ़ाई का कर इतना खराब हो गया है कि उन्हें उसे विषय में भी नंबर दे दिए गए जिसकी परीक्षा उन्होंने दी ही नहीं थी। स्थिति जो भी हो Pakistan के लिए प्रदर्शन को संभालना मुश्किल होता जा रहा है। अगर हालात नहीं सुधरेंगे तो निश्चित तौर पर एक बार फिर से एशिया में नेपाल और बांग्लादेश से नजारा देखने को मिल सकते हैं।
