जयपुर डेस्क। शेख हसीना के पद के हटने के बाद से लगातार बांग्लादेश और Bharat के रिश्ते खराब होते जा रहे हैं। एक बार फिर से बांग्लादेश ने गलत करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ 261 लोगों को भगोड़ा घोषित किया है। बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर दिया है। आपको बता दें की यह बांग्लादेश के द्वारा ये तब किया गया है जब 2 दिन पहले Bharat की ओर से जाकिर नाइक पर कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद जाकिर नाइक को बचाने के लिए संभवत: बांग्लादेश की ओर से कदम उठाया गया है।
Bharat ने की थी कार्रवाई की मांग
Bharat की ओर से जाकिर नाइक को भगोड़ा घोषित करने और कार्रवाई की मांग करने वाले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वह एक भगोड़ा है और जहां भी जाएगा Bharat के खिलाफ आग ही उगलेगा। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि बांग्लादेश की सरकार हमारी सुरक्षा चिताओं का सम्मान करते हुए निश्चित तौर पर जाकिर नाइक पर प्रतिबंध लगाएगी और उसके नफरत की भाषणों पर लगाम लगाने की कोशिश करेगी क्योंकि वह भारत से 2016 में फरार हो गया था। बता दें कि जाकिर नायक को मलेशिया में मोहम्मद महातिर के नेतृत्व वाली पूर्व सरकार ने स्थाई निवास की अनुमति दी थी।
मोहम्मद यूनुस ने चली यह चाल
मोहम्मद यूनुस ने Bharat के बयान आने के दो दिनों बाद ही एक नई चाल चलते हुए बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भगोड़ा घोषित कर दिया। जाहिर सी बात है बांग्लादेश के द्वारा उठाए गए इस कदम के पीछे का कारण था कि वह Bharat को बताना चाहता था कि भारत भी बांग्लादेश के लिए भगोड़े साबित हो चुके लोगों को पनाह दे रहा है ऐसे में जाकिर नाइक के लिए वह भारत को गलत दिखाना चाह रहा है। यहां बता दे कि बीते कुछ समय से Bharat और बांग्लादेश के बीच के रिश्ते में कड़वाहट आई है। इतना ही नहीं बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू समुदाय के लोगों पर लगातार होते आक्रमण के बाद दोनों देश एक दूसरे के साथ शीत युद्ध जैसे हालात में हैं।
