जयपुर डेस्क। नेपाल में Social Media पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद जो कुछ भी हुआ उसके बाद से विश्व में इसे लेकर काफी चर्चा हुई थी। मलेशिया में इन दिनों सोशल मीडिया को लेकर एक अलग तरह की बहस छीड़ी हुई है जिसमें सरकार 16 साल से कम उम्र के स्टूडेंट्स के लिए स्मार्टफोन और सोशल मीडिया पर बैन लगाने के लिए विचार कर रही है। मलेशिया की सरकार को यह फैसला स्कूल के बच्चों में बढ़ते आपराधिक मामले और इंटरनेट पर खेले जाने वाले गेम्स के दुष्प्रभाव को देखते हुए लेना पड़ रहा है। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है लेकिन इस पर कानून बनाने के लिए मलेशिया की सदनों में प्रस्ताव पारित कर लिया गया है।
क्या कहा है प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम में इस संबंध में बात करते हुए बताया है कि हमने Social Media को स्टूडेंट से दूर करने के लिए सदन में तीन प्रस्ताव पारित किए हैं। प्रधानमंत्री ने बताया है कि इसका सिर्फ एक ही लक्ष्य है कि स्कूल की सुरक्षा पर बेहतर तरीके से काम किया जा सके और हमारे देश के बच्चों का भविष्य उज्जवल हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 2 सालों में लगातार पूरे देश में 16 साल से कम उम्र के बच्चों को स्मार्टफोन के कारण आपराधिक मामले में जुड़ा हुआ पाया गया जो कि किसी भी लिहाज से सही नहीं है इसलिए हमें इस तरह का निर्णय लेना पड़ रहा है।
सरकार ने कराया सर्वे तो यह आया परिणाम
सदन में प्रस्ताव आने के पहले मलेशिया की सरकार ने देश की जनता से इस संबंध में जानकारी लेनी चाहिए और इसके लिए एक सर्वे का आयोजन किया गया। इस सर्वे में देश के रहने वाले 10 में से सात लोगों ने स्कूली बच्चों और स्टूडेंट के लिए सोशल मीडिया मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात को सही बताया। हालांकि 3 ऐसे लोग थे जिनका मानना था कि आज के समय में युवाओं को सोशल मीडिया और मोबाइल से दूर नहीं रखना चाहिए क्योंकि आने वाले समय में सबसे ज्यादा उनके लिए यही महत्वपूर्ण हो जाएगा। सर्वे के परिणाम के रूप में बताया गया है कि 72% देश के लोगों का मानना है कि 16 वर्ष से कम उम्र के स्टूडेंट के लिए स्मार्टफोन और सोशल मीडिया पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिए जाने चाहिए।
