जयपुर। RSS की 100 साल की यात्रा में कई ऐसी बात रही है जिस पर देशभर में बहस छिड़ गई है। हालांकि इसके बाद भी संघ के काम करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं आया है। एक बार फिर से कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे के बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इतना ही नहीं कर्नाटक में RSS से जुड़ी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए भी प्रयास किया जा रहे हैं। कर्नाटक के सीएम के पुत्र एक पत्र में लिखा है जिस पर रस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जोर दिया गया है। कर्नाटक में इसके पहले भी कई बार संघ को लेकर विवाद में है लेकिन इस बार का विवाद एक अलग तरह का है क्योंकि सीएम पुत्र ने एक बड़ा बयान दे दिया है।

RSS की तुलना तालिबान से
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतेंद्र ने RSS की तुलना सीधे तौर पर तालिबान से करते हुए कहा है कि दोनों के बीच ज्यादा अंतर नहीं है। उन्होंने यह भी कहा है कि RSS के लोगों का मानना है कि भारत में एक ही मजहब और विचार के लोग रह सकते हैं जिसमें दूसरे धर्म के मानने वाले लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। अपनी बात को समझाते हुए यतिंद्र ने कहा कि कुछ इसी तरह का काम तालिबान भी करता है और इस्लाम को ही इकलौता धर्म मानता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह तालिबान के लोगों ने महिलाओं की आजादी खत्म की है कुछ ऐसा ही RSS भी करना चाहता है।
RSS ओर से नहीं आया अब तक कोई जवाब
RSS की ओर इस मामले में कोई भी बयान गया जारी नहीं किया गया है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कोई भी राज्य RSS पर प्रतिबंध लगाने की सोच नहीं सकता क्योंकि ऐसा करना संभव नहीं है। बता दे की कर्नाटक के मुख्यमंत्री के बेटे का बयान समय सामने आया है जब अफगानिस्तान के तालिबानी मंत्री को भारत के दौरे पर हैं और महिला पत्रकारों को ना बुलाने के संबंध में पहले ही विवाद हो चुका है।
